सितंबर में थोक महंगाई 11.39% पहुंची: सरकारी आंकड़ों में तेज बढ़त
अगस्त के 9.92% के मुकाबले सितंबर की थोक महंगाई बढ़ी; ईंधन और निर्मित वस्तुओं के दाम प्रमुख कारक हैं।

प्रकाशित: 16 अक्टूबर 2026 (भारतीय समय); स्रोत: 15–16 अक्टूबर तक की रिपोर्ट।
सितंबर की थोक महंगाई और ईंधन लागत
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के 14 अक्टूबर को जारी अस्थायी आंकड़ों के अनुसार सितंबर 2026 में थोक मूल्य सूचकांक आधारित महंगाई सालाना 11.39 प्रतिशत रही। अगस्त में यह 9.92 प्रतिशत थी। ईंधन और बिजली समूह में 25.85 प्रतिशत की वृद्धि के साथ प्राथमिक तथा निर्मित वस्तुओं में भी कीमतें बढ़ीं।
WPI और खुदरा महंगाई में अंतर
थोक महंगाई उत्पादन और आपूर्ति शृंखला के शुरुआती चरण की कीमतें दिखाती है। यह खुदरा उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के बराबर नहीं है। बढ़ी लागत कुछ समय बाद ग्राहक तक पहुंच सकती है, लेकिन सभी उत्पादों में असर अलग होता है।
अगले महीनों के आंकड़े क्यों अहम होंगे
ये अस्थायी आंकड़े हैं और सूचकांक का आधार वर्ष 2022–23 है। आगे के महीनों की दिशा से महंगाई दबाव की स्थिरता का बेहतर पता चलेगा।
स्रोत और पुष्टि
मूल रिपोर्ट और संभावित नए अपडेट देखें: मूल रिपोर्ट
यह पुरानी संदर्भ तस्वीर है, वास्तविक घटना की नहीं।
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